Thursday, October 3, 2013

प्यार की वयार

मैं वो सुन रहा हूँ

दिल जो तेरा कह रहा है

थामा  जो हाथ वो कभी छूटे ना

ओ मेरे यार मेरे प्यार

ये मैं सुन रहा हूँ

सुन ले तू भी ये मेरे प्यार

करदी है धड़कने मैंने अपनी तेरे नाम

ओ मेरे यार मेरे प्यार

झुका के पलके कर लिया तूने

मेरे प्यार को अंगीकार

ओ मेरे यार मेरे प्यार

जन्मो जन्मो बहती रहे 

अपने प्यार की वयार

ओ मेरे यार मेरे प्यार

मैं वो सुन रहा हूँ

दिल जो तेरा कह रहा है

ओ मेरे यार मेरे प्यार 

2 comments:

  1. बहुत बढ़िया अबिव्यक्ति !
    नवीनतम पोस्ट मिट्टी का खिलौना !
    नई पोस्ट साधू या शैतान

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  2. धन्यवाद , आपकी रचनाये पढ़ी लाजबाब है

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