Saturday, July 27, 2013

संगी साथी

धमाकचोड़ी मौज मस्ती

बचपन के सब संगी साथी

बालमनों के छोटे से सपनों का संसार

फ़ुदकती जिन्दगी मचलते अरमान

तूफ़ान मचाती टोली

बेफिक्री का धुआं उड़ाते अहसास

बरसते रंग बी रंगे रंग

खिलते नये नये मौजो के द्वार

लुका छिपी आँख मिचोली

बचपन के सब संगी साथी

खेल कूद बस यही सपनों का संसार

बाकी कोई और नहीं अरमान

बाकी कोई और नहीं अरमान 

1 comment:

  1. बाकी कोई और नहीं अरमान
    संतोषम परम सुखं !
    latest post हमारे नेताजी
    latest postअनुभूति : वर्षा ऋतु

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