Sunday, May 12, 2013

आँसुओ का दर्द

तुने आँसुओ में मेरा दर्द छिपा रखा है

ऐसे इन्हें रुलाया ना करो

दर्द को मेरे ऐसे सताया ना करो

तेरी ताकत है ये

ऐसे इनपे सितम ढाया ना करो

इन बेस्किमती नूरो को यूं ना बहाया करो

खुश रहो सदा इतना

मिलन इनसे फिर दुबारा ना हो

कर दो रहम बस इतना सा

दर्द को मेरे तुम अपनाया ना करो

रो रो के मुझे ओर रुलाया ना करो

रुलाया ना करो 

3 comments:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल १४ /५/१३ मंगलवारीय चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां स्वागत है ।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    शेअर करने के लिए शुक्रिया!

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