Thursday, January 5, 2012

हसीन शाम

जिन्दगी के एक मुकाम

मिली थी एक हसीन शाम

सबसे जुदा सबसे हसीन

उसमे थी कुछ ख़ास बात

आज भी तरोताजा है दिल में

उस तारों भरी रात की बात

ढल गयी थी रात

छुप गया था चाँद

जीने के लिए

इतना सा ही काफी था

उन बीते लहमो का साथ

जिन्दगी के एक मुकाम

मिली थी एक हसीन शाम

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