Thursday, January 5, 2012

जवाँ प्यार

घटती उम्र की नहीं

बड्ती उम्र की निशानी है प्यार

उम्र की ह़र दहलीज पे

सपनों की रवानगी है प्यार

ढलती उम्र में

गुजरे कल की निशानी है प्यार

साक्षी है इतिहास

उम्र की नहीं

दिलों की दीवानगी है प्यार

शायद इसीलिए

ढल जाती है उम्र

जवाँ हो जाता है प्यार

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