Tuesday, January 25, 2011

अहसास

तलाशा मैंने तुमको बहुत

हवों में तेरी खुशबू टटोली

सायों में तेरा अक्स तराशा

चन्दा निहारा

दर्पण निहारा

खुद में तेरा अक्स नज़र आया

बंद कर आँखे

दिल से पुकारा

मेरी धडकनों में

अहसास तेरा पाया

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